हाफ़िज़े क़ुरआन के लिए पांच स्पेशल रब्बानी नवाज़िश!
1. सिफारिश : क़ुरआन अपने पढ़ने वालों के लिए क़यामत के दिन सिफारिशी बन कर आएगा। [मुस्लिम]
2. रफ़अत : पढ़ता जा और (जन्नत के एक एक) दर्जे चढ़ता जा, तेरा आखिरी ठिकाना वहीं है जहां आखिरी आयत पर तु पहुंचे।
[رواه أبو داود والترمذي وأحمد]
3. सोहबत : क़ुरआन मजीद का माहिर , कुरान लिखने वाले इंतहाई मुअज़्ज़ज़ और अल्लाह तआला के फरमाबरदार फरिश्तों के साथ होगा।
(मुत्तफ़क़ अलैहि)
4. ख़ैरियत : तुम में सबसे बेहतरीन वह है जो क़ुरआन सीखे और सिखाए।
(بخاري)
5. अहलियत : क़ुरआन वाले , अल्लाह वाले और अल्लाह के खास लोग हैं।
(سنن ابن ماجہ)

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