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Showing posts from March, 2024

वोमेंस डे

तिरे माथे पे ये आँचल बहुत ही ख़ूब है लेकिन  तू इस आँचल से इक परचम बना लेती तो अच्छा था  आज हम वोमेंस डे के मौके बात कर रहें हैं उन रानियों और शहजादियों की जिन्होंने उस दौर में अपने जौहर दिखाए जिस दौर में औरतों को न कोई रिजर्वेशन मिलता था और न ही बहुत ज़्यादा आजादी। रज़िया सुल्तान, नूरजहां, जहांआरा बेगम से लेकर रानी लक्ष्मी बाई, बेगम हजरत महल और चाँद बीबी तक ने अपने दम पर अपनी तारीख लिखी और खुद की एक अलग पहचान बनाई और साथ ही असरार-उल-हक़ मजाज़ साहेब की इस नज्म को 800 साल पहले हकीकत में तब्दील करके दिखाया जो आज के दौर भी ज़्यादातर औरतों के लिए मुमकिन नहीं है। #womensday